पीपल एक, गुण अनेक, पीपल से ऐसे होते हैं अनेक बीमारियों का अचूक इलाज, जान कर हो जाएंगे आप दंग !

पीपल भारत में बहुत मात्रा में पाए जाते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है कि लोग इस पेड़ को आस्था से जोड़कर देखते हैं। इस वजह से लोग इस पेड़ को नहीं काटते हैं। पीपल के पेड़ की लकड़ी को जलाने के लिए भी उपयोग नहीं किया जाता है। पीपल का इस्तेमाल औषधि के रूप में प्राचीन काल से ही किया जा रहा है। पहले जमाने के वैद्य कई सारी बीमारियों का इलाज पीपल से ही करते थे। इस पेड़ का हर भाग औषधीय गुणों से भरा होता है। इससे कई बीमारियों का इलाज होता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप पीपल से कैसे कई रोगों का इलाज कर सकते हैं।

ऐसे करें पीपल से रोगों का इलाज:

*- आपको जानकर काफी हैरानी होगी कि पीपल के पत्ते का इस्तेमाल रक्त पित्त नाशक, रक्त शोधक, शीतल, रंग निखारने वाली और सूजन मिटाने में किया जाता है।

*- पीपल के पेड़ की छाल का अंदरूनी हिस्सा निकालकर इसे सुखा लें। सूखने के बाद इसे अच्छी तरह पीसकर इसका चूर्ण बना लें। अब आप इस चूर्ण को दमा के रोगियों को दें। इससे उन्हें लाभ मिलेगा।

*- पीपल की जड़ों को काटकर घर लायें। उसे कुछ दिनों के लिए पानी में भिगोकर रखें। अब इसको पीसकर इसका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को आप नियमित रूप से अपने चेहरे पर लगाएं। ऐसा करने से आपके चेहरे की झुर्रियां खत्म हो जायेंगी।

*- अगर आपके हाथ-पांव में कहीं कट-फट जाए तो आप पीपल के पत्ते का रस या उसका दूध लगा सकते हैं। इससे दर्द जल्दी दूर होता है और घाव को सूखने में मदद मिलती है।

*- अगर आप पीलिया की समस्या से परेशान हैं तो आप पीपल के 3-4 नर्म पत्तों को लेकर उसका रस निकाल लें और उसे मिश्री में मिलाकर उसका सेवन करें। ऐसा आप लगातार 4-5 दिन तक दिन में दो बार करते रहें। जल्द ही पीलिया से छुटकारा मिलेगा।

*- पीपल की ताजा छाल लेकर इसे कमर पर बांधने से ताकत मिलती है। अगर आप भी कमजोरी महसूस करते हैं तो इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। यूनानी चिकित्सा में पीपल की छाल को वीर्यवर्धक माना जाता है। छाल का अर्क खून को साफ करने का भी काम करता है। इसकी छाल का रस पीने से पुराने सुजाक और पेशाब की जलन से मुक्ति मिलती है।

*- पीपल का दातून करने से दांत के कई रोगों से छुटकारा मिलता है। दांतों के कीड़े, मसूड़ों की सूजन, पीलापन, दांतों का हिलना, खून निकलना आदि बंद हो जाता है। पीपल की दातून करने से मुंह की दुर्गन्ध भी दूर होती है।